उलझन अगर है तो हमसे ना छुपाना, साथ ना दे ज़ुबान तो आँखो से बताना,
हर कदम पर साथ है हम आपके, दोस्त बनाया है तो हक़ ज़रूर जताना.
ये हो नहीं सकता की तेरी याद ना आये, भूल के भी तुझे भूलू ये एहसास ना आये,
तू भले भूले तुझे कोई आंच ना आये, मैं अगर भूलू तो मुझे अगली सांस ना आये.
ज़रा सी बात देर तक रूलाती रही, खुशी मे भी आँखे आँसूबहाती रही, कोई खो के मिल गयातो कोई मिल के खो गया, ज़िंदगी हमको बस ऐसे ही आज़माती रही.